Yogesh Sharma Success Story: हर सफल बिजनेस के पीछे करोड़ों रुपये का निवेश और बड़ा कारोबारी परिवार हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ कहानियां ऐसी भी होती हैं, जहां एक सामान्य नौकरी से शुरुआत करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे अपने सपने को बिजनेस में बदल देता है। योगेश शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
एक समय उनकी नौकरी की मासिक सैलरी सिर्फ ₹6,500 थी। वह मुंबई में Marketing Executive के तौर पर काम करते थे। लेकिन नौकरी के साथ-साथ उनके मन में अपना कारोबार शुरू करने का सपना था।
उन्होंने नौकरी करते हुए ही एक छोटा कैफे शुरू किया। यह शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन यहीं से उनके उद्यमी बनने का सफर शुरू हुआ।
आज योगेश शर्मा Karigari Ventures से जुड़े हैं और भारतीय रेस्टोरेंट एवं डाइनिंग बिजनेस में अपनी पहचान बना चुके हैं। कंपनी के बिजनेस और वैल्यूएशन से जुड़े आंकड़े उनकी शुरुआती नौकरी से आज की स्थिति तक के बड़े सफर को दिखाते हैं।
₹6,500 की नौकरी से शुरू हुआ करियर
योगेश शर्मा की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में हुई। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित Symbiosis Institute of Business Management (SIBM) से Business और Marketing Management की पढ़ाई की।
पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 2007 में उन्होंने मुंबई में Hindustan Times के साथ Marketing Executive के रूप में काम शुरू किया।
उस समय उनकी मासिक कमाई करीब ₹6,500 थी।
एक तरफ वह नौकरी से अपना करियर बना रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उनके दिमाग में अपना बिजनेस शुरू करने का विचार भी चल रहा था।
यही सोच आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी वजह बनी।
नौकरी छोड़े बिना शुरू किया अपना पहला कैफे
बिजनेस शुरू करने के लिए योगेश शर्मा ने शुरुआत में कोई बहुत बड़ा सेटअप नहीं लगाया।
उन्होंने अपने पिता से करीब ₹10 लाख की मदद लेकर मुंबई में एक छोटा कैफे शुरू किया।
इस कैफे में करीब 20 लोगों के बैठने की व्यवस्था थी।
खास बात यह थी कि उन्होंने शुरुआत में नौकरी नहीं छोड़ी। दिन में नौकरी और काम के बाद अपने कैफे को संभालना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन इसी दौरान उन्होंने रेस्टोरेंट बिजनेस की बारीकियां सीखीं।
ग्राहक क्या पसंद करते हैं, किसी आउटलेट को कैसे चलाया जाता है, खर्च और कमाई के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है और मार्केटिंग किस तरह ग्राहक ला सकती है—इन सबका अनुभव उन्हें जमीन पर मिला।
मुंबई के बाद दिल्ली में बढ़ाया बिजनेस
साल 2011 से 2015 के बीच योगेश शर्मा दिल्ली लौटे।
यहां उन्होंने रेस्टोरेंट और कैफे बिजनेस को और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिश की। युवाओं को ध्यान में रखकर अलग-अलग फूड और डाइनिंग कॉन्सेप्ट पर काम किया गया।
कालकाजी, लक्ष्मी नगर और इडियम मॉल जैसे स्थानों पर उनके बिजनेस वेंचर्स पहुंचे।
धीरे-धीरे उन्हें समझ आने लगा कि रेस्टोरेंट बिजनेस में केवल अच्छा खाना ही काफी नहीं है। ग्राहक का पूरा अनुभव, लोकेशन, ब्रांडिंग, सर्विस और कॉन्सेप्ट भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
यही सोच उनके आगे के बिजनेस सफर में काम आई।
छोटे कैफे से बड़े रेस्टोरेंट ब्रांड तक का सफर
योगेश शर्मा ने अपने सफर में अलग-अलग रेस्टोरेंट कॉन्सेप्ट पर काम किया। इसी दौरान Jungle Jamboree और The Flying Dutchman जैसे वेंचर्स से भी उनका जुड़ाव रहा।
इन अनुभवों ने उन्हें रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करीब से समझने का मौका दिया।
लेकिन उनका लक्ष्य केवल कुछ रेस्टोरेंट खोलना नहीं था।
वह एक ऐसा भारतीय डाइनिंग ब्रांड बनाना चाहते थे, जिसे ग्राहक केवल खाना खाने की जगह के तौर पर नहीं बल्कि एक खास अनुभव के लिए याद रखें।
शेफ हरपाल सिंह सोखी के साथ आया बड़ा मोड़
योगेश शर्मा के बिजनेस सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ मशहूर शेफ हरपाल सिंह सोखी के साथ जुड़ने के बाद आया।
दोनों ने भारतीय खाने और आधुनिक डाइनिंग अनुभव को एक साथ जोड़ने की दिशा में काम किया।
इसी सोच ने आगे चलकर Karigari को जन्म दिया।
Karigari का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय स्वाद को आधुनिक और प्रीमियम डाइनिंग अनुभव के साथ पेश करना था।
2021 में नोएडा से शुरू हुआ Karigari
कोरोना महामारी के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को भारी नुकसान हुआ था। लेकिन इसी चुनौतीपूर्ण दौर के बाद योगेश शर्मा और उनकी टीम ने अपने नए ब्रांड पर काम आगे बढ़ाया।
साल 2021 में नोएडा से Karigari का पहला आउटलेट शुरू हुआ।
छोटी शुरुआत से शुरू हुआ यह ब्रांड धीरे-धीरे दूसरे शहरों तक पहुंचने लगा।
आज Karigari के आउटलेट्स कई प्रमुख शहरों में मौजूद हैं और कंपनी अपने विस्तार पर लगातार काम कर रही है।
कई शहरों तक पहुंच चुका है ब्रांड
रिपोर्ट के अनुसार Karigari के आउटलेट्स नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, चंडीगढ़, इंदौर, देहरादून और बेंगलुरु जैसे शहरों तक पहुंच चुके हैं।
कंपनी ने विस्तार के लिए FOCO यानी Franchise Owned, Company Operated मॉडल को अपनाया है।
इस मॉडल की मदद से ब्रांड अलग-अलग शहरों में तेजी से विस्तार कर सकता है, जबकि ऑपरेशन और ब्रांड स्टैंडर्ड पर कंपनी का नियंत्रण बना रहता है।
करोड़ों के बिजनेस तक कैसे पहुंची कहानी?
योगेश शर्मा की कहानी में सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनका सफर सीधे किसी बड़े बिजनेस से शुरू नहीं हुआ था।
पहले नौकरी।
फिर नौकरी के साथ छोटा कैफे।
इसके बाद अलग-अलग रेस्टोरेंट कॉन्सेप्ट।
और फिर एक बड़े भारतीय डाइनिंग ब्रांड की तरफ कदम।
यानी उनकी सफलता किसी एक बड़े निवेश या अचानक मिले मौके का नतीजा नहीं थी। उन्होंने कई वर्षों में रेस्टोरेंट बिजनेस के अलग-अलग हिस्सों को समझा और उसी अनुभव के आधार पर अपना ब्रांड तैयार किया।
रिपोर्ट में Karigari Ventures के बिजनेस का आंकड़ा करीब ₹80 करोड़ बताया गया है, जबकि कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹220 करोड़ के आसपास बताई गई है। दोनों आंकड़े अलग-अलग चीजों को दर्शाते हैं, इसलिए इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं समझना चाहिए।
500 से ज्यादा लोगों को रोजगार
बिजनेस के विस्तार के साथ कंपनी का टीम साइज भी बढ़ा है।
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी से 500 से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हुए हैं।
यानी ₹6,500 की शुरुआती नौकरी से शुरू हुआ यह सफर अब केवल व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसे बिजनेस की कहानी बन चुका है जिसने बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार भी पैदा किया है।
योगेश शर्मा की कहानी से क्या सीख सकते हैं?
योगेश शर्मा की सफलता उन लोगों के लिए खास तौर पर प्रेरणादायक है जो नौकरी के साथ अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।
उनकी कहानी से सबसे बड़ी सीख यह है कि बिजनेस शुरू करने के लिए हमेशा नौकरी छोड़ना जरूरी नहीं होता। कई बार नौकरी के साथ छोटे स्तर पर शुरुआत करके भी अनुभव और बाजार की समझ हासिल की जा सकती है।
उनके सफर से कुछ महत्वपूर्ण बातें समझी जा सकती हैं:
छोटी शुरुआत को कम न समझें: पहला कैफे छोटा था, लेकिन वही आगे के सफर की नींव बना।
मार्केट को समझना जरूरी है: रेस्टोरेंट बिजनेस में केवल स्वाद नहीं, बल्कि ग्राहक का पूरा अनुभव मायने रखता है।
अनुभव की कीमत होती है: अलग-अलग बिजनेस वेंचर्स में काम करने से उन्हें इंडस्ट्री की गहरी समझ मिली।
सही पार्टनर महत्वपूर्ण हो सकता है: शेफ हरपाल सिंह सोखी के साथ काम करने से Karigari जैसे कॉन्सेप्ट को आकार मिला।
लगातार विस्तार के लिए सिस्टम जरूरी है: बड़े ब्रांड को कई शहरों तक ले जाने के लिए मजबूत ऑपरेशन और बिजनेस मॉडल की जरूरत होती है।
₹6,500 से करोड़ों तक पहुंचने की कहानी
योगेश शर्मा की कहानी को सिर्फ एक बिजनेस सक्सेस स्टोरी कहना शायद पूरी तस्वीर नहीं बताता।
यह कहानी उस सोच की है जिसमें एक व्यक्ति अपनी नौकरी के साथ भविष्य के लिए रास्ता तैयार करता है।
₹6,500 की मासिक सैलरी से शुरू हुआ करियर एक छोटे कैफे तक पहुंचा। वहां से रेस्टोरेंट बिजनेस के कई अनुभव मिले और आखिरकार Karigari जैसे बड़े डाइनिंग ब्रांड की नींव रखी गई।
आज उनका नाम भारतीय रेस्टोरेंट बिजनेस की उन कहानियों में शामिल है, जो दिखाती हैं कि बड़ा बिजनेस हमेशा बड़ी शुरुआत से नहीं बनता।
कई बार एक छोटा कैफे, सीमित पूंजी और नौकरी के बाद बचा हुआ समय ही किसी बड़े बिजनेस की पहली सीढ़ी बन जाता है।
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