डॉ भीमराव अंबेडकर का जीवन परिचय 2022: Dr. Bhimrao Ambedkar Biography in Hindi

Bhimrao Ambedkar Jayanti Kyu Manaya Jata Hai | डॉ भीमराव अंबेडकर का जीवन परिचय | Dr. Bhimrao Ambedkar Biography in Hindi | भीमराव अंबेडकर जीवनी | Ambedkar Jayanti Kyu Manaya Jata Hai | Ambedkar Jayanti Kab Manaya Jata Hai

Dr. Bhimrao Ambedkar Biography in Hindi: बाबा साहेब अम्बेडकर जिन्हे आज हम भीमराव अम्बेडकर के नाम से जानते है इनके पिता का नाम रामजी वल्द मालोजी सकपाल था। भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल वर्ष 1891 ई.० मे मध्यप्रदेश के महू मे हुआ था। इन्होने भारत के संबिधान बनाने मे अपना अहम योगदान दिया था। भीमराव अम्बेडकर एक जाने माने राजनेता व प्रख्यात विधिवेत्ता थे। भीमराव अम्बेडकर को आज हम सभी एक ऐसे व्यक्ती के रूप मे जानते है जिन्होने भारत मे छोटे वर्ग के लोगो को हक दिलाने के लिए कई सारे लडाइयो मे अपना योगदान दिया है।

उन्होने समता, समानता, बंधुता व मानावता आधारित भारतीय संविधान को 02 वर्ष 11 महीने और 17 दिन के कठिन परिश्रम से तैयार कर 26 नवंबर 1949 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को सौंप कर देश के समस्त नागरिकों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और व्यक्ति की गरिमा की जीवन पध्दति से भारतीय संस्कृति को अभिभूत किया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर जाती से दलीत थे। जिसके चलते उनकी जाती को उस समय के लोग अछुता मानते थे जिसके वजह से उनका बचपन काफी मुश्किलो मे बिता था। उस समय बाबासाहेब अंबेडकर सहित सभी निम्न जाति के लोगों को सामाजिक बहिष्कार, अपमान और भेदभाव का सामना करना पड़ता था। अगर आपको डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बारे मे और जानना है तो इस लेख को पूरा पढे।

Dr. Bhimrao Ambedkar Biography in Hindi (डॉ भीमराव अम्बेडकर जीवन परिचय)

जन्म14 अप्रैल 1891 मध्य प्रदेश, भारत में
जन्म के समय नामभिवा, भीम, भीमराव, बाबासाहेब अंबेडकर
पेशेवर नामबाबासाहेब अंबेडकर
राष्ट्रियताभारतीय
पेशाविधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद्दार्शनिक, लेखक पत्रकार, समाजशास्त्री, मानवविज्ञानी, शिक्षाविद्, धर्मशास्त्री, इतिहासविद् प्रोफेसर, सम्पादक
व्यवसायवकील, प्रोफेसर व राजनीतिज्ञ
धर्म पत्निरमाबाई अंबेडकर       (विवाह 1906- निधन 1935)  डॉ० सविता अंबेडकर      ( विवाह 1948- निधन 2003
डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बच्चेयशवंत अंबेडकर
राजनीतिक दल   शेड्युल्ड कास्ट फेडरेशन स्वतंत्र लेबर पार्टी भारतीय रिपब्लिकन पार्टी
पुरस्कार/ सम्मानबोधिसत्व (1956) Bharat Ratan Ribbon भारत रत्न (1990) पहले कोलंबियन अहेड ऑफ देअर टाईम (2004) द ग्रेटेस्ट इंडियन (2012)
मृत्यु6 दिसम्बर 1956 (उम्र 65)       डॉ॰ आम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक, नयी दिल्ली, भारत
समाधि स्थलचैत्य भूमि,मुंबई, महाराष्ट्र

डॉ. भीमराव अम्बेडकर की शीक्षा

डॉ भीमराव अम्बेडकर अपने समय के सबसे पढे लिखे राजनेता थे जो 64 विषयो मे मास्टर थे और साथ ही साथ वे 9 भाषाए जानते थे। डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपनी मैट्रिकुलेशन की परिक्षा वर्ष 1907  मे पास की और उसके बाद उन्होने अपनी ग्रेजुएशन की पढाई एली फिंस्टम कॉलेज से वर्ष 1912 मे पूरी की। डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपनी एमए की पढाइ कोलंबिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढाई वर्ष 1915 मे पूरा किया। इसी बीच इन्होने प्राचीन भारत व्यापार पर एक शोध प्रबंध 1913 से 1915 मे लिखा था।

DR Bhimrao Ambedkar 1

इतना सब करने के बाद इन्होने वर्ष 1917 मे अपनी पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर ली थी। इन्होने फिर से नेशनल डेवलपमेंट फॉर इंडिया एंड एनालिटिकल स्टडी विषय पर उन्होंने शोध किया। डॉ भीमराव अम्बेडकर ने वर्ष 1917 मे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स मे अपना दाखिला कराया लेकीन किसी कारणवश उन्होने अपनी शिक्षा को अधुरा छोड दिया फिर कुछ समय बितने के बाद इन्होने फिर से लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अपनी अधुरी पढाई को पूरा किया। इन्होने इन सभी के साथ ही साथ एमएससी और बार एट-लॉ की डिग्री को भी प्राप्त किया|

बाबा साहब द्वारा लिखी गई पुस्तके

भीमराव अम्बेडकर ने अपने जीवन काल मे कई सारे किताबे लिखी है जिसका वर्णन हमने निचे दिया है आप उसे पढ कर यह जान सकते है की बाबा साहब ने अपने जीवन काल मे कितनी पुस्तको की रचना की थी उन सभी पुस्तको की सुची हमने निचे दी है।

  • जाति विच्छेद
  • संघ बनाम स्वतंत्रता
  • पाकिस्तान पर विचार
  • श्री गांधी एवं अछूतों की विमुक्ति
  • रानाडे गांधी और जिन्ना
  • शूद्र कौन और कैसे
  • भगवान बुद्ध और बौद्ध धर्म
  • महाराष्ट्र भाषाई प्रांत
  • भारत का राष्ट्रीय अंश
  • भारत में जातियां और उनका मशीनीकरण
  • देश में लघु कृषि और उनके उपचार
  • मूलनायक
  • ब्रिटिश भारत में साम्राज्यवादी वित्त का विकेंद्रीकरण
  • रुपए की समस्या: उद्भव और समाधान
  • ब्रिटिश भारत में प्रांतीय वित्त का अभ्युदय
  • बहिष्कृत भारत
  • जनता

डॉ भीमराव अम्बेडकर की रचनावली

भीमराव अम्बेडकर ने अपने जीवन काल मे कई सारे पुस्तको की रचना की थी लेकीन उन्होने अपने पूरे जीवन काल मे सिर्फ दो रचनावली का रचना किया था जिसका वर्णन हमने निचे किया है आप उसे देख कर यह जान सकते है की उन्होने अपने जीवन काल मे कितने रचनावली का रचना किया था।

  • साहेब डॉ अंबेडकर संपूर्ण वाड़्मय [भारत सरकार द्वारा प्रकाशित]
  • डॉ बाबासाहेब आंबेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज [महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रकाशित]

बाबा साहेब का राजनीतिक सफर

डॉ भीमराव अम्बेडकर अपने जीवन काल मे कई सारे राजनैतीक दल से जुडे और उनके साथ काम किया जिसका कथन हमने इस अनुच्छेद मे किया है। बाबा साहेब ने वर्ष 1936 मे स्वतंत्र मजदुर पार्टी का गठन किया था। जिसके बाद उन्हे वर्ष 1937 मे केंद्रिय विधानसभा चुनाव मे उनकी पार्टी को 15 सीट से वीजय प्राप्त हुवा। अब इसके बाद अम्बेडकर साहब ने इस पार्टी का नाम बदलकर आल इंडिया शीडयुल कास्ट पार्टी मे तबदील कर दिया। पार्टी का नाम परिवर्तन के बाद वह फिर से वर्ष 1946 मे संविधान सभा के चुनाव में खड़े हुए लेकीन किसी कारणवस वह ये चूनाव नही जीत सके।

इसके बाद इनके जीवन मे सबसे बडा समस्या आ खडा हुवा उस समय काग्रेस समेत गांधी जी भी छोटे वर्ग के लोगो अछुता मानने लगे जिसके बाद से इन्हे भी लोग अछुता मनने लगे जिसके बाद से उन्हे गांधी जी की यह बात पसंद नही आयी और उन्होने कहा अछूते लोग भी हमारे समाज का एक हिस्सा है, वे भी बाकि लोगों की तरह आम व्यक्ति ही हैं। अम्बेडकर जी को रक्षा सलाहकार कमिटी में रखा गया व वाइसराय एग्जीक्यूटिव परिषद  उन्हें लेबर का मंत्री बनाया गया था। बाबा साहेब आजाद भारत के पहले लॉ मंत्री भी बने थे। यही तक था बाबा साहेब का राजनैतीक सफर।

बाबा साहेब द्वारा कही गयी महान तथ्य

डॉ भीमराव अपने दौर के काफी पढे लिखे व्यक्ति थे जिन्होने काफी महान बाते कही थी जिनका वर्णन हमने निचे किया है।

  • एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है की वह समाज का नौकर बनने के लिए तैयार होता है।
  • गलत को गलत कहने की क्षमता नहीं है  तो आप की प्रतिमा व्यर्थ है।
  • जो धर्म जन्म से एक को श्रेष्ठ और दूसरे को नीच बताये वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है।
  • मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर है, एक विचार को प्रचार प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की नहीं तो दोनों मुरझा कर मर जाते हैं ।
  • अन्याय से लड़ते हुये आपकी मौत हो जाती है तो आपकी आने वाली पीढ़िया उसका बदला अवश्य लेगी किन्तु अन्याय सहते सहते यदि मर जाओगे तो आने वाली पीढ़िया भी गुलाम बनी रहेगी।
  • किसी का भी स्वाद बदला जा सकता है लेकिन ज़हर को अमृत में परिवर्तित नही किया जा सकता ।
  • यदि आप मन से स्वतंत्र हैं तभी आप वास्तव में स्वतंत्र है।
  • न ईश्वर, न अल्लाह और न ही राम मेरा समाज था जब गुलाम तब काम न आया कोई भगवान दिलाने हम सब को सम्मान एक ही शेर जन्मा था भीमराव था जिनका नाम ।

भीमराव अम्बेडकर के द्वारा कहा गया महान तथ्य

  • एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ असंतोष का होना पर्याप्त नहीं है जिसकी आवश्यकता है वो है न्या य एवं राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था।
  • संविधान यह एक मात्र वकीलों का दस्तावेज नहीं। यह जीवन का एक माध्यम है।
  • जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है, वो आपके किसी काम की नहीं।
  • यदि मुझे लगा संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो इसे जलानेवाला सबसे पहले मैं रहूँगा।
  • हिम्मत इतनी बडी रखो के किस्मत छोटी लगने लगे ।
  • कानून और व्यवस्था राजनीतिक शरीर की दवा और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरूर दी जानी चाहिए .
  • ना मस्जिद की बात हो, न शिवालों की बात हो, प्रजा बेरोज़गार है, पहले निवालों की बात हो. मेरी नींद को दिक्कत ना भजन से ना अज़ान से है। मेरी नींद को दिक्कत मरते हुये जवान और खुदकुशी करते किसान से है।

डॉ भीमराव अंबेडकर के बारे में रोचक बाते

जैसा की आपको पता है की डॉ भीमराव अमेडकर अपने समय के सबसे पढे लिखे आदमी थे तो उन्होने इसी क्रम मे उनके कुछ रोचक तथ्य है जिसे हमने निचे बताया है।

  • बाबासाहेब अम्बेडकर लगभग 9 भाषाओं को जानते थे।
  • डॉ भीमराव अंबेडकर ऐसे पहले इन्सान थे जिन्होंने अर्थशास्त्र में PhD विदेश जाकर की थी।
  • बाबासाहेब आजाद भारत के पहले कानून मंत्री थे।
  • डॉ भीमराव अम्बेडकर कश्मीर में लगी धारा नंबर 370 के खिलाफ थे।
  • बाबासाहेब अम्बेडकर हिन्दू महार जाति के थे, जिन्हें समाज अछूत मनाता था।
  • भारत के झंडे पर अशोक चक्र लगवाने वाले डॉ भीमराव अम्बेडकर ही थे।
  • भीमराव अंबेडकर ने 21 साल की उम्र तक लगभग सभी धर्मों की पढ़ाई कर ली थी।
  • बाबासाहेब अंबेडकर  के पास लगभग 32 डिग्रियां थी।
  • भीमराव अम्बेडकर ने दो बार लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन दोनों बार हार गए थे।

डॉ भीमराव अंबेडकर का निधन

डॉ भीमराव अम्बेडकर वर्ष 1948 से ही मधुमेह यानी की डायबिटिज के मरिज थे लेकीन इतना दिक्कत होने के बावजुद भी उन्होने छोटे वर्ग के लोगो के लिए अपनी लडाई जारी रखी। बाबासाहेब 1954 तक जाते जाते काफी बिमार हो गए थे जिसके बाद उन्होने 3 दिसम्बर 1956 को अपनी अंतीम अंतिम पांडुलिपि बुद्ध और धम्म उनके को पूरा किया और 6 दिसंबर 1956 को अपने घर दिल्ली में अपनी अंतिम सांस ली थी। इनके निधन के बाद इनका अंतीम संस्कार चौपाटी समुद्र तट पर बौद्ध शैली में किया गया। इनके निधन के दिन आज भी अमेडकर जयंती के रूप मे मनाया जाता है और सभी जगह सार्वजनिक अवकाश रखा जाता है।

BR Ambedkar Biography FAQ’s

भीमराव अंबेडकर कौन थे?

डॉ॰ बाबासाहब आम्बेडकर भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक थे। उन्होंने दलित बौद्ध आन्दोलन को प्रेरित किया और अछूतों (दलितों) से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था।

बाबा साहेब की मृत्यु कैसे हुई थी?

बाबा साहेब की मृत्यु मधुमेय (डायबिटीज) से हुई थी।

भारतीय संविधान के निर्माता कौन हैं?

भारतीय संविधान के निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर हैं।

अम्बेडकर जयंती कब मनायी जाती है?

14 अप्रैल को मनायी जाती है।