ताज़ा ख़बर
PM Matru Vandana Yojana 2026: गर्भवती महिलाओं को ₹11,000 तक का लाभ, जानें Eligibility, Apply और Status Walmart PTO: How to Check Your PTO Balance & Request Time Off Walmart Schedule: How to Check Your Work Schedule Online दिन में ₹6,500 की नौकरी, रात में शुरू किया बिजनेस; दिल्ली के योगेश शर्मा ने खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी EPF Balance Check 2026: PF Balance कैसे Check करें? UAN, Passbook, SMS और Missed Call से पूरी जानकारी Aadhaar Card Mobile Number Update 2026: घर बैठे मोबाइल नंबर कैसे बदलें? नया तरीका, फीस और पूरी प्रक्रिया PM Kisan 24th Installment 2026: ₹2,000 कब आएंगे? Status, e-KYC, Beneficiary List और Payment की पूरी जानकारी UP HSRP Apply Online Book My HSRP Portal: UP High Security Registration Number Plates 2026
जानकारी

History of Kushinagar in Hindi – कुशीनगर का इतिहास , कहानी , कुशीनगर की प्रसिद्ध घुमने वाली जगह

History of Kushinagar in Hindi- दोस्तो मेरा नाम है काजल और आज आपके लिए Gorakhpur Regional News वेबसाइट पर लेकर आयी हुँ जिला Kushinagar ka Ithihaas Hindi Me .

कुशीनगर उत्तर प्रदेश राज्य के पुर्वी हिस्से मे पङता है यह बिहार बाडर के नजदिक है । गोरखपुर शहर से लगभग यह 56 किलोमिटर दुर स्थित है । यह विहार जाने वाले National Highway 28 पर स्तिथ है ।

कुशीनगर को बौद्ध धार्मिक स्थल के नाम से जाना जाता है । कुशीनगर मे ही गौतम बुद्ध ने निर्वाण प्राप्त किया था जिसके वजह से बहुत सारे बौद्धिक लोग बिदेशो से भी यहा उनके दर्शन के लिये आते है ।

तो चलिए जानते है गौतम बुद्ध की कुशीनगर से जुङी कहानी और History of Kushinagar in Hindi .

History of Kushinagar

History of Kushinagar in Hindi

कुशीनगर मे कई प्राचिन स्पूत है , यहा कई चिजे सम्राट अशोक द्वारा निर्माण कराया गया है । भगवान बुद्ध ने कुशीनगर मे ही परिनिर्वाण लिया था , कुशीनगर मे गौतम बुद्ध की कई मन्दिर बनी हुई है यहा आप आकर दर्शन भी कर सकते है ।

यहा भगवान बुद्ध से जुङी परिनिर्वाण मन्दिर भी है । यहा एक रामभर स्थल है जहा गौतम बुद्ध का अन्तिम सन्सकार किया गया था ।

कहा जाता है भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी थी कुशीनगर इस लिए इसे उस समय कुशावती के नाम से जाना जाता था । बाद मे यहा मल्ल राजाओ का राज हो गया उन्होने इसे अपनी राजधानी बना ली और नाम दिया कुशीनारा । जब गौतम बुद्ध ने यहा महापरिनिर्माण प्राप्त किया उसके बाद से इसका नाम कुशीनगर पङ गया ।

कहा जाता है 1861 मे जनरल ए कनिंघम ने इस स्थान की खुदाई कराई थी तब वहा से भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा जमिन से मिली से मिली साथ ही रामाभार स्तूप और और माथाकुंवर मंदिर की भी जानकारी प्राप्त हुई ।

कुशीनगर से थोङी दुर लगभग दस किलोमिटर दुर फ़ाजिलनगर कस्बा है वहा एक छटियाव गाव है जहा किसी ने भगवान बुद्ध को सुअर का गोस्त खिला दिया जिसके बाद उनकी हाल्त खराब हो गयी और वे निर्वाण को प्राप्त हुवे ।

Places or Temples in Kushinagar ( कुशीनगर की प्रसिद्ध घुमने वाली जगह )

Kushinagar Mandir
  • निर्वाण स्तूप
  • महानिर्वाण मंदिर
  • माथाकुंवर मंदिर
  • रामाभर स्तूप
  • आधुनिक स्तूप
  • बौद्ध संग्रहालय
Kushinagar Gautam buddh

Famous Temple near Kushinagar

उत्तर भारत मे एक मात्र सुर्य मन्दिर है जो कि कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी कस्बे मे स्तिथ है । कहा जाता है यहा भगवान सुर्य की प्रतिमा यहा खुदाई के दौरान मिली थी ।

यह सुर्य मन्दिर बहुत ही प्रसिद्ध है यहा बहुत सारे लोग दर्शन के लिए आते है । आप भी अगर चाहे तो यहा आकर दर्शन कर सकते है । सुर्य मन्दिर कुशीनगर से लगभग 15 – 18 किलोमिटर दुर है ।

Padrauna ka naam kaise pada ( पडरौना का नाम कैसे पङा )

कुशीनगर जिले का जिला मुख्यालय पडरौना मे स्तिथ है यानी कुशीनगर बस नाम से जिला है कुशीनगर जिले के सारे सरकारी काम पडरौना मे होता है । कहा जाता है भगवान राम जनकपुरी से सिता माँ से विवाह के बाद इसी रास्ते से अयोध्या गये थे तब लोगो ने इस जगह को पदरामा ( राम के पैरो से रमी हुई जमीन ) का नाम दिया , बाद मे इसे बद्लकर पडरौना रखा गया ।

पडरौना से दस किलोमिटर पहले एक नदी को भगवान राम ने पार किया था जिसका नाम है वासी , जहा से उन्होने इस नदी को पार किया था उस स्थान को लोग आज “रामघाट” के नाम से जानते है ।

यहा हर साल बहुत बङा मेला लगता है यहा उत्तर प्रदेश और विहार दोनो राज्यो के लोग आते है ।

Kushinagar International Tourist Place

भगवान बुद्ध की परिनिर्माणस्थली यहा पर है इस लिए इसे अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल माना जाता है , यहा विदेशो से लोग गौतम बुद्ध के दर्शन के लिए आते है ।

यहा विदेशो से लोगो के आने – जाने की सुविधा के लिए अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जा रहा है जिससे लोगो को कुशीनगर तक आने मे आसानी हो सके ।

कुशीनगर मे अभी तक रेलवे की सुविधा भी नही है , अगर आपको रेल के माध्य्म से यहा आना है तो सबसे पहले आपको गोरखपुर या पडरौना आना होगा उसके बाद आप वहा से बस की मदद से कुशीनगर तक आ सकते है ।

दोस्तो एक बार आप कुशीनगर जरुर आइये आपको यहा आकर भगवान के बारे मे जानना चाहिये , जब लोग विदेशो से यहा आ सकते है तो आप पास के होकर क्यु नही आ सकते ।

हमारी यह कुशीनगर की आर्टीक्ल ( History of Kushinagar in Hindi ) कैसे लगी कमेन्ट करके जरुर बताये और अगर कुशीनगर के बारे मे और अधिक जानकारी आपके पास हो तो आप हमे लिख कर भेजे ( admin@gorakhpurhindinews.com ).

Join on Facebook

Fallow on Twitter

Tarkulha Mata Mandir Kahani

History of Gorakhpur in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *