ताज़ा ख़बर
PM Matru Vandana Yojana 2026: गर्भवती महिलाओं को ₹11,000 तक का लाभ, जानें Eligibility, Apply और Status Walmart PTO: How to Check Your PTO Balance & Request Time Off Walmart Schedule: How to Check Your Work Schedule Online दिन में ₹6,500 की नौकरी, रात में शुरू किया बिजनेस; दिल्ली के योगेश शर्मा ने खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी EPF Balance Check 2026: PF Balance कैसे Check करें? UAN, Passbook, SMS और Missed Call से पूरी जानकारी Aadhaar Card Mobile Number Update 2026: घर बैठे मोबाइल नंबर कैसे बदलें? नया तरीका, फीस और पूरी प्रक्रिया PM Kisan 24th Installment 2026: ₹2,000 कब आएंगे? Status, e-KYC, Beneficiary List और Payment की पूरी जानकारी UP HSRP Apply Online Book My HSRP Portal: UP High Security Registration Number Plates 2026
गोरखपुर

Sumer Sagar Gorakhpur – नौका बिहार के बाद अब सुमेर सागर ताल बढ़ाएगा शहर की सुन्दरता, ले-आउट हुआ तैयार

गोरखपुर : नौका बिहार के बाद अब सुमेर सागर ताल बढ़ाएगा गोरखपुर शहर की सुन्दरता, गोरखपुर मे अस्तित्व खो चुके ताल सुमेर सागर को दोबारा वजूद में लाने के लिए जिला प्रशासन सख्त होकर कार्य कर रहा है ।

11 एकड़ में फैले ताल सुमेर सागर को भू-माफियाओं और अफसरों ने मिलकर जमीन का स्वरूप दे दिया। इसके चलते वहां से ताल का अस्तित्व ही खत्म हो गया और उस पर कई वाणिज्यिक और रहने योग्य घर बन गए। अब गोरखपुर जिला प्रशासन ताल को अपना वास्तविक स्वरूप देने के लिए पुरे तरह से तैयार है ।

ताल की जमीन से अवैध कब्जा ध्वस्त कराने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल सुमेर सागर ताल को चंडीगढ़ के सुखना लेक की तरह विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए ले-आउट पुरी तरह से तैयार हो चुका है। सोमवार को ले-आउट को अंतिम रूप देने के लिए सदर तहसील में आर्किटेक्ट के साथ प्रशासन की बैठक भी हुई।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल के अनुसार 11 एकड़ में करीब 6 एकड़ में मुख्य ताल होगा। उसके किनारे-किनारे करीब 1.5 किलोमीटर का जॉगिंग ट्रैक भी होगा। चार एकड़ में पार्क, गाड़ियां खड़ी करने के लिए पार्किंग और फूड कोर्ट विकसित किया जाएगा। म्यूजिकल फाउंटेन, लाइटिंग और लोगों के बैठने के लिए बेंच आदि की भी व्यवस्था की जाएगी।

उनका कहना है कि वजूद खो चुुके सुमेर सागर ताल को फिर से ताल का स्वरूप देने से यह शहर के लिए एक अलग पहचान तो बनेगा ही बनेगा, साथ ही आस-पास के 1.10 लाख लोगों को बरसात मे जलभराव से भी मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही ताल के बनने से पानी का संरक्षण भी किया जा सकेगा।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *